Tuesday, December 4, 2018

जीवविज्ञान: परिचय (Biology: introduction)

1. जीव विज्ञान एक प्राकृतिक विज्ञान है इसके            अंतर्गत जीवों की संरचना विरुद्ध कार्य विकास वितरण वर्गिकी नामकरण सहित जीवो के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जाता है।

2. ट्रीविरेन्स ने जीवों के अध्ययन हेतु जीव विज्ञान शब्द का उपयोग किया।

3. अरस्तु को जीव विज्ञान तथा थ्रियोफेस्ट्स को  प्राणी विज्ञान का जनक कहते हैं।

4. जीव विज्ञान शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द बॉयोस(bios) तथा लोजिया(logia) से मिलकर हुई है।

5. एन्टोनीवोंन ल्यूवेनहोक द्वारा माइक्रोस्कोप के कुछ सुधारों के साथ जीव विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रगति हुई।

6.  कैरोलस लीनियस का आधुनिक वर्गीकरण विज्ञान का जनक कहते हैं इन्होंने द्विपद नाम पद्धति तथा पादपों का लैंगिक वर्गीकरण दिया।

7.  स्लीडन व स्वान ने कोशिका सिद्धांत प्रतिपादित किया, लैमार्क ने संसजन विकासवाद सिद्धांत, क्रिक ने dna का द्विकुंडलित मॉडल प्रस्तुत किया तथा चार्ल्स डार्विन ने प्राकृतिक वरण का सिद्धांत दिया उनके अनुसार वातावरण द्वारा उन्हीं लक्षणों का वर्णन किया जाता है जो वातावरण के अनुसार उपयुक्त होते हैं शेष लक्षण नष्ट हो जाते हैं।

8. महर्षि चरक को को भारतीय चिकित्सा विज्ञान का जनक के नाम से जाना जाता है चरक पहले चिकित्सक थे जिन्होंने पाचन उपापचय और मानव शरीर प्रतिरक्षा की अवधारणा दुनिया के सामने रखी चरक ने चरक संहिता का संपादन किया।

9.  सुश्रुत प्लास्टिक सर्जरी के आविष्कारक थे इन्हें प्लास्टिक सर्जरी का जनक कहते हैं उन्होंने सुश्रुत संहिता की रचना की उनकी इस पुस्तक में 120 से अधिक उपकरणों का विवरण है।

10. आचार्य जगदीश चंद्र बोस ने छुईमुई या  लाजवंती(माइमोसा पुडिका) व शालपर्णी (देस्मोडियम गाइरेन्स) पादपों पर विधुत संकेतों के प्रभाव का अध्ययन किया तथा पादप कोशिकाओं में उत्तेजित होने की संभावना बताई छुईमुई तथा इंडियन टेलीग्राफ प्लांट पर इसे केस्कोग्राफ उपकरण से मापा। इन्होंने क्रोनोबायोलॉजी की बुनियाद रखी।
बीरबल साहनी एक भारतीय पूरा वनस्पति वैज्ञानिक थे जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के जीवाश्म का अध्ययन किया पंचानन माहेश्वरी को भारतीय पाद अब रोने की का जनक कहा जाता है उन्होंने पुष्पी पादपों का परखनली में निषेचन कराने की खोज की एमएस स्वामीनाथन को भारत में हरित क्रांति के जनक के रूप में जाना जाता है प्रोफेसर करम चंद्र मेहता एक कवक रोग विज्ञानी है इन्होंने भारत में गेहूं व जो के कीट रोग के समाधान किया
सजीवों में गति स्वसन संवेदनशीलता वृद्धि जनन उत्सर्जन पोषण 5 अनुपमा चरम स्थिति के विशिष्ट लक्षण होते हैं

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